दोस्तो आजकल के इस युग मे हर चीजें आधुनिक होती जा रही हैं। आप हर उन चीजों के बारे में सोचें जो पहले से चलते आ रही थी उनमें काफी बदलाव आए हैं। उनमें से एक है- “सट्टेबाजी” । आपलोगों को यह पढ़ के काफी हँसी आ रही होगी, हाँ यह सच है । और आपलोग भी समझ गए होंगे कि मैं किसकी बात कर रहा हूँ। आज से 15-20 साल पहले लोगों को सट्टेबाजी सब्द सुनकर काफी घृणा होती थी । यह चुपके-चुपके से पनपता रहा है । आज यह वक़्त ऐसा है कि एक ही परिवार के लगभग हर लोग सट्टा लगा के एक दूसरे को बड़े गर्व से बताते हैं कि मैंने फलाने खेल में पैसे लगाए और इतना जीता या हारा। अब वो पहले जैसी हिचकिचाहट भी नही है कि लोग क्या बोलेंगे समाज क्या बोलेगा वगैरह वगैरह। अब सोचने वाली बात यह है की ऐसा क्या हुआ जिससे एक घृणित माने जाने वाले खेल को लोग अब अपना स्टेटस सिंबल मानने लगे हैं। चलिए सट्टेबाजी के अलग अलग पहलुओ के बारे में हम अगले पोस्ट में जानेंगे। बने रहिये हमारे साथ। जय हिंद ।